रविवार, 31 जुलाई 2016

थोड़ा सा डर अच्छा है!

डरावनी फिल्मों और किताबों से अपने बच्चों को हम अक्सर दूर ही रखते हैं, पर मनोविज्ञान के चश्मे से देखें तो थोड़ा सा डर बच्चों के लिए अच्छा है. डर की वजह से हमारे दिमाग में जो केमिकल उत्पन्न होता है, वह हमें खुश रखता है. इस कारण कई बार मानसिक तनाव की स्थिति में डर से हमें मानसिक सुकून मिलता है. आपने गौर किया होगा कि डरावनी फिल्में देखने में या भूतिया किस्से सुनने में खासी दिलचस्पी लेते हैं, जिससे शरीर से oxytocin नामक केमिकल निकलता है.यह केमिकल एक- दूसरे से दोस्ती बढ़ाने में मददगार साबित होता है.सच ही तो है, मूड अच्छा रहेगा तो स्वास्थ्य अच्छा ही रहना है. हालांकि, मनोवैज्ञानिक ने यह भी माना कि कुछ बच्चों के दिमाग पर डर का विपरीत असर होता है, मगर 6 साल से ज्यादा उम्र के ज्यादातर बच्चों के लिए डर अच्छा है. इससे वे टेंशन के बीच थोड़ा सा रिचार्ज हो जाते हैं और माहौल हल्का- फुल्का हो जाता है.